रानी इन्द्रमति की कथा
द्वापर युग में एक इंदुमती नाम की रानी जो कि चंद्र विजय राजा की पत्नी थी।वह लोक वेद के आधार पर साधना कर रही थी।करुणामय रूप में कबीर साहिब ने उनको सत्य ज्ञान दिया और रानी इंदुमती कबीर साहेब की शिष्य बनी
एक बार रानी इंदुमति को सांप ने डस लिया था उनकी आयु शेष नहीं थी तो भी कबीर परमेश्वर ने उसकी आयु बढ़ा दी है और उस को जिंदा किया
हमने राम-कृष्ण जी तो लीलाएं खूब सुनी है, पर क्या आप जानते हो कि द्वापर युग में पूर्ण परमेश्वर कबीर जी ने भी रानी इंद्रमती जी को सांप (काल) से बचाया था (जबकि उनका जीवन भी शेष नही था)।
रानी का पति चंद्र विजय जो एक पुण्यात्मा था उसने कबीर परमेश्वर से नाम दीक्षा नहीं ली थी
इस कारण उसकी अकाल मृत्यु हो जाती है परंतु
कबीर परमात्मा ने रानी इंद्रमति के पति को छह महीने की आयु प्रदान की भक्ति करने के लिए और सतलोक लेकर गए।
वर्तमान में सन्त रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदित शास्त्रानुकूल सत्य भक्ति से ऐसा संभव है
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Salvation is only possible by worship of god kabir