IDENTITY OF REAL SATGURU
पूर्ण गुरु के लक्षण
👉पूर्ण संत सर्व वेद-शास्त्रों का ज्ञाता होता है।
👉दूसरे वह मन-कर्म-वचन से यानि सच्ची श्रद्धा से केवल एक परमात्मा समर्थ की भक्ति स्वयं करता है तथा अपने अनुयाईयों से करवाता है। समाज से जाति व धर्म भेद मिटाता है
👉तीसरे वह सब अनुयाईयों से समान व्यवहार (बर्ताव) करता है।
👉चौथे उसके द्वारा बताया भक्ति
कर्म वेदों में वर्णित विधि के अनुसार होता है।
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Salvation is only possible by worship of god kabir